भारत की स्वदेशी कोरोना टीका कोवैक्सीन (Covaxin) को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) इस हफ्ते मंजूरी दे सकता है। यह खबर समाचार एजेंसी एएनआई द्वारा दी गई है जिसमें बताया गया है कि भारत की बायोटेक (Bharat Biotech) की कोरोना वैक्सीन कोवैक्सीन को इस हफ्ते विश्व स्वास्थ्य संगठन से मंजूरी मिलने की उम्मीद है।

आपको बता दे, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) कोरोना टीका कोवैक्सीन को इमरजेंसी के लिए मंजूरी नहीं दे रहा था। लेकिन अब राहत की बात सामने आयी है और इसको स्वीकृति देने की संभावना है। कोरोना टीका ‘कोवाक्सिन’ हैदराबाद-आधारित निर्माता भारत बायोटेक द्वारा निर्मित है। भारत बायोटेक ने अपनी कोरोना टीका कोवैक्सीन के सभी ज़रूरी दस्तावेज़ और ट्रायल से जुड़े डेटा को विश्व स्वास्थ्य संगठन को पहले ही दे चूका है। ऐसे में अब वैक्सीन को इमरजेंसी के लिए WHO से इजाज़त मिल सकती है।

WHO से अनुमति मिलने के बाद भारत बायोटेक की कोवैक्सीन को आपातकालीन इस्तेमाल के लिए निर्यात करने की भी अनुमति देगा और साथ में , जिन लोगों ने यह टीका लगाया है, उनको अंतरराष्ट्रीय यात्रा की भी अनुमति मिल जाएगी।

कोवैक्सीन भारत की स्वदेशी वैक्सीन है जिसे देश में इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए मंजूरी दी गई है। कोवैक्सीन के साथ अब देश में ऐसे तीन वैक्सीन हो गई है। जिन्हे इमरजेंसी के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। देश में ड्रग रेगुलेटर ने मॉडर्न (Moderna )और जॉनसन एंड जॉनसन (Johnson and Johnson) को इमरजेंसी यूज ऑथराइजेशन (EUA) दिया है।

अभी तक डब्ल्यूएचओ ने एस्ट्राजेनेका-एसके बायो-सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, जानसेन, मॉडर्ना फाइजर-बायोएनटेक, एस्ट्राजेनेका ईयू,और सिनोफार्म के टीकों को आपात इस्तेमाल के लिए इजाजत दी हुई है।

आपको बता दें, भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) ने अपने प्रकाशित में लिखे एक अध्ययन में जानकारी देते हुए बताया कि भारत बायोटेक की कोरोना टीका कोवैक्सीन कोरोना के डेल्टा प्लस वैरिएंट के खिलाफ प्रभावी बताया गया है। भारत बायोटेक ने भी जानकारी देते हुए बताया की कोवैक्सीन कोरोनावायरस के खिलाफ 77.8 प्रतिशत प्रभावशाली है और कोरोनावायरस के डेल्टा वैरिएंट (Delta Variant) के खिलाफ 65.2 प्रतिशत सुरक्षा देता है।

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